भाजपा सरकार द्वारा किए गए प्रमुख विधायी बदलावों का विस्तृत विवरण (मुख्यतः 2014 के बाद) 1. वस्तु एवं सेवा कर (GST) अधिनियम (2017) उद्देश्य: पूरे देश के लिए एक एकीकृत अप्रत्यक्ष कर प्रणाली बनाना, जो केंद्र और राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले कई जटिल करों की जगह ले सके। इसका लक्ष्य एक साझा राष्ट्रीय बाजार स्थापित करना, करों के व्यापक प्रभाव (टैक्स पर टैक्स) को खत्म करना, अनुपालन को सरल बनाना, कर आधार को व्यापक बनाना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना था। यह 'एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार' के सिद्धांत पर आधारित है। मुख्य विशेषताएं: केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर, वैट, खरीद कर, प्रवेश कर जैसे प्रमुख अप्रत्यक्ष करों को समाहित किया। एक दोहरी GST संरचना लागू की गई: अंतर-राज्यीय लेनदेन पर केंद्र द्वारा केंद्रीय GST (CGST) और राज्यों द्वारा राज्य GST (SGST)। अंतर-राज्यीय लेनदेन और आयात पर केंद्र द्वारा एकीकृत GST (IGST) लगाया जाता है। GST परिषद की स्थापना की गई, जो एक संवैधानिक निकाय है जिसमें केंद्र और सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हैं, ताकि कर दरों, छूटों, नियमों...