भारत की बढ़ती जनसंख्या एक गंभीर चुनौती: परिचय भारत की जनसंख्या वृद्धि एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। 2025 तक भारत के विश्व की सबसे बड़ी आबादी वाला देश बनने की संभावना है, जो चीन को पीछे छोड़ देगा। यह स्थिति देश के सामने कई चुनौतियां प्रस्तुत करती है: आर्थिक विकास पर दबाव : बढ़ती जनसंख्या संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ डालती है गरीबी का बढ़ता जोखिम : रोजगार की कमी और आय असमानता में वृद्धि बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियां : शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग में वृद्धि कोविड-19 महामारी ने इस स्थिति को और जटिल बना दिया है। विश्व बैंक के अनुसार, भारत में लगभग 700 मिलियन लोग प्रतिदिन $2.15 से कम पर जीवन यापन कर रहे हैं। जनसंख्या वृद्धि और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है, जिससे सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके और गरीबी को कम किया जा सके। भारत की वर्तमान जनसंख्या स्थिति भारत की वर्तमान जनसंख्या लगभग 1.4 अरब है, जो विश्व की कुल जनसंख्या का 17.7% है। देश का जनसंख्या घनत्व प्रति वर्ग किलोमीटर 464 व्यक्ति है, जो विश्व के सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाले देशों में से...