परिचय भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 2025 का मानसून सामान्य रहने की प्रबल संभावना है। जून से सितंबर तक लंबी अवधि के औसत (LPA) के 103% (+/- 5%) वर्षा का अनुमान है। प्रमुख मौसमी संकेत: सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना क्षेत्रीय विविधता में वृद्धि तापमान में मामूली गिरावट क्षेत्रीय प्रभाव: पश्चिमी और दक्षिणी भारत में बेहतर वर्षा पूर्वोत्तर में सामान्य से कम बारिश उत्तर भारत में मिश्रित प्रभाव कृषि और अर्थव्यवस्था पर इस मानसून का गहरा प्रभाव पड़ेगा। देश की 42% आबादी कृषि पर निर्भर है। सामान्य मानसून से: फसल उत्पादन में वृद्धि किसानों की आय में सुधार खाद्य मुद्रास्फीति में कमी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा जून के पहले सप्ताह में बारिश में मामूली कमी के बावजूद, अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से अधिक व La Niña, IOD और ENSO-तटस्थ: 2025 के मानसून के पीछे के कारक 2025 के मानसून की भविष्यवाणी में तीन प्रमुख समुद्री घटनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन घटनाओं का भारतीय मौसम पर गहरा प्रभाव पड़ता है: 1. La Niña का प्रभाव La Niña की स्थिति वर्तमान में कमजोर हो रही है इस कमजोर La Niña से मानसू...